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अनुशासन सम्बन्धित नियम

   व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास का प्रमुख साधन अनुशासन है| छात्र जीवन में रहकर महाविद्यालय एवं शैक्षिक वातावरण सृजन में योग देता है| अनुशासन सकारात्मक एवं सृजनात्मक होना चाहिए, नकारात्मक एवं विध्वंसात्मक नहीं| महाविद्यालय अनुशासन के वाहन स्वरूप को अपनाता है तथा इसके आंतरिक परिणति में विश्वास रखता है इसी संदर्भ में कुछ अनुशासन सम्बंधित नियम निर्धारित किये गए है :- 1. महाविद्यालय में छात्र एवं छात्राओं का प्रवेश अनन्तिमहै यदि द्वारा कोई अनियमित बाराती जाती है तो प्रवेश समिति, प्राचार्य, मुख्य अनुशासनाधिकारी द्वारा प्रवेश निरस्त किया जा सकता है|
2. महाविद्यालय बिना किसी कारण किसी भी छात्र का नामांकन विशेष परिस्थिति में निरस्त कर सकती है| इसके विरुद्ध कोई भी शिकायत अस्वीकार होगी|
3. महाविद्यालय का प्रत्येक छात्र अनुशासनात्मक व्यवस्था में महाविद्यालय प्रशासन का पूर्ण सहयोग करेगा तथा महाविद्यालय के अन्दर इम बाहर उसके द्वारा ऐसा कृत्य नहीं किया जायेगा, जिससे महाविद्यालय का नाम कलंकित हो|
4. विद्यार्थियों को महाविद्यालय परिसर में परिचय-पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा|
5. छात्र/छात्राओं को महाविद्यालय परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा|
6. परिचय पात्र रदद होने या खो जाने पर शुल्क जमा कर द्वितीय प्रति प्राप्त की जा सकती है|
7. विद्यार्थियों का चरित्र प्रमाण पत्र अनुशासनाधिकारी द्वारा प्रदान किया जायेगा|
8. यदि महाविद्यालय में विद्यार्थियों द्वारा अनुशासनहीनता की जाती है तो मुख्य अनुशासनाधिकारी एवं अनुशासन समिति द्वारा उचित दंड प्रकिया अपनायी जायेगी|
9. महाविद्यालय द्वारा निर्धारित नियम एवं शुल्क प्रकिया सम्पूर्ण विद्यार्थियों पर एक साथ प्रभावी होगी|
10. पुस्तकालय सुविधा हेतु प्रत्येक विद्यार्थी को पुस्कालय कार्ड लेना अनिवार्य होगा|
11. विश्व विद्यालय मानक के अनुसार महाविद्यालय में विद्यार्थी की ७५ प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है| 12.मानक अनुरूप उपस्थिति न होने पर विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित किया जा सकता है|
13. अभ्यास शिक्षण के लिए महाविद्यालय द्वारा निर्धारित गणवेश (यूनिफार्म) अनिवार्य है|
14. छात्राओं के लिए निर्धारित गणवेश (यूनिफार्म) अनिवार्य है|
15. महाविद्यालय में किसी भजी छात्र/छात्रा के द्वारा मोबाइल फोन लाना वर्जित है|

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